⚖️ धर्मशास्त्र, नीति एवं राष्ट्रचिंतन
भारतीय धर्मशास्त्र, स्मृतियों, चाणक्य नीति, विदुर नीति, अर्थशास्त्र एवं राजधर्म का समन्वित अध्ययन। यह पाठ्यक्रम कर्तव्यबोध, नैतिक नेतृत्व, सुशासन, न्याय, राष्ट्रधर्म एवं उत्तरदायी जीवन के सिद्धांतों को सरल, प्रमाणिक एवं व्यवहारिक रूप में समझाता है।
📜 धर्मशास्त्र एवं मनुस्मृति
धर्म, कर्तव्य, सामाजिक व्यवस्था एवं जीवन के मूल सिद्धांतों का अध्ययन।
🧠 चाणक्य एवं विदुर नीति
नीति, नेतृत्व, व्यवहार, कूटनीति एवं जीवन प्रबंधन की व्यावहारिक शिक्षा।
🏛️ अर्थशास्त्र एवं राजधर्म
सुशासन, राज्य व्यवस्था, प्रशासन एवं राष्ट्रहित के सिद्धांतों का अध्ययन।
🚩 राष्ट्रचिंतन एवं कर्तव्यबोध
राष्ट्रधर्म, नागरिक उत्तरदायित्व एवं चरित्रवान नेतृत्व का विकास।
📚 इस पाठ्यक्रम में क्या सीखेंगे?
- धर्मशास्त्र – धर्म, कर्तव्य एवं सामाजिक जीवन के मूल सिद्धांत।
- चाणक्य नीति – नेतृत्व, कूटनीति, प्रशासन एवं व्यवहार कौशल।
- विदुर नीति – नैतिक जीवन, निर्णय क्षमता एवं आदर्श आचरण।
- मनुस्मृति – धर्म, समाज व्यवस्था एवं उत्तरदायित्व की आधारभूत समझ।
- अर्थशास्त्र एवं राजधर्म – सुशासन, राज्य संचालन एवं राष्ट्रहितकारी प्रशासन।
- राष्ट्रचिंतन एवं कर्तव्यबोध – राष्ट्रसेवा, नागरिक दायित्व एवं चरित्र निर्माण।
🎯 पाठ्यक्रम का उद्देश्य
भारतीय धर्मशास्त्र एवं नीति परंपरा के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिक नेतृत्व, कर्तव्यबोध, न्यायप्रियता, सुशासन, राष्ट्रनिष्ठा एवं उत्तरदायी जीवन-दृष्टि का विकास करना।
👥 यह पाठ्यक्रम किनके लिए है?
- विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी
- भारतीय नीति एवं धर्मशास्त्र में रुचि रखने वाले शिक्षार्थी
- शोधार्थी एवं प्रतियोगी परीक्षा के विद्यार्थी
- आचार्य एवं शिक्षक
- नेतृत्व एवं प्रशासन का अध्ययन करने वाले युवा
- राष्ट्रचिंतन एवं उत्तरदायी नागरिक जीवन अपनाने के इच्छुक सभी शिक्षार्थी
📌 प्रवेश हेतु संबंधित पंजीकरण करें।
