🌺 सनातन संस्कृति एवं जीवन पद्धति
भारतीय जीवन-दर्शन, वैदिक दिनचर्या, षोडश संस्कार, पूजा-विधि, व्रत-पर्व, गृहस्थ धर्म एवं सदाचार का समग्र एवं जीवनोपयोगी अध्ययन। यह पाठ्यक्रम संस्कारित जीवनशैली, नैतिक मूल्यों, पारिवारिक उत्तरदायित्व तथा सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा एवं जागरूकता विकसित करता है।
🪔 षोडश संस्कार
जीवन के विभिन्न चरणों में संस्कारों का महत्व एवं उनका व्यवहारिक अध्ययन।
🙏 पूजा एवं उपासना
पूजा-विधि, उपासना, व्रत एवं पर्वों का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व।
🏡 गृहस्थ धर्म
गृहस्थ जीवन, पारिवारिक उत्तरदायित्व एवं आदर्श जीवनशैली का प्रशिक्षण।
🌿 वैदिक दिनचर्या एवं सदाचार
वैदिक जीवन-पद्धति, सदाचार एवं जीवन मूल्यों का व्यवहारिक अभ्यास।
📚 इस पाठ्यक्रम में क्या सीखेंगे?
- षोडश संस्कार – जीवन के प्रमुख संस्कारों का उद्देश्य एवं महत्व।
- पूजा एवं उपासना – दैनिक पूजा, उपासना एवं धार्मिक आचरण की विधियाँ।
- व्रत एवं पर्व – प्रमुख व्रतों एवं पर्वों का सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व।
- गृहस्थ धर्म – आदर्श पारिवारिक जीवन, उत्तरदायित्व एवं सामाजिक कर्तव्य।
- वैदिक दिनचर्या – स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारित दैनिक जीवन का अभ्यास।
- सदाचार एवं जीवन मूल्य – नैतिकता, संयम, सेवा एवं सनातन जीवन मूल्यों का विकास।
🎯 पाठ्यक्रम का उद्देश्य
सनातन संस्कृति एवं जीवन पद्धति की प्रमाणिक समझ विकसित करना, संस्कारित एवं उत्तरदायी जीवनशैली का निर्माण करना तथा विद्यार्थियों में नैतिकता, पारिवारिक मूल्यों, सदाचार एवं भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा जागृत करना।
👥 यह पाठ्यक्रम किनके लिए है?
- विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी
- सनातन संस्कृति एवं भारतीय परंपरा में रुचि रखने वाले शिक्षार्थी
- गृहस्थ जीवन एवं संस्कारित परिवार निर्माण के इच्छुक व्यक्ति
- आचार्य एवं शिक्षक
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन करने वाले साधक
- संस्कारयुक्त एवं मूल्यनिष्ठ जीवन अपनाने के इच्छुक सभी नागरिक
📌 प्रवेश हेतु संबंधित पंजीकरण करें।
