🧠 भारतीय तत्त्वज्ञान एवं दर्शन

भारतीय दर्शन की प्रमुख परम्पराओं, तत्त्वज्ञान, जीव, जगत एवं ब्रह्म के स्वरूप का समग्र एवं प्रमाणिक अध्ययन। यह पाठ्यक्रम सांख्य, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा एवं वेदान्त के माध्यम से तार्किक चिंतन, विवेक, आत्मबोध एवं जीवन-दर्शन की गहन समझ विकसित करता है।

📚 सांख्य दर्शन

प्रकृति, पुरुष एवं सृष्टि के तत्त्वों का वैज्ञानिक एवं दार्शनिक अध्ययन।

⚖️ न्याय एवं वैशेषिक

तर्क, प्रमाण, पदार्थ एवं सत्य की विवेचनात्मक समझ विकसित करना।

🕉 मीमांसा एवं वेदान्त

वेदों की दार्शनिक व्याख्या, ब्रह्म, आत्मा एवं मोक्ष का अध्ययन।

✨ तत्त्वचिंतन एवं आत्मबोध

भारतीय दार्शनिक परंपरा के माध्यम से जीवन, सत्य एवं आत्मबोध की समझ।

📚 इस पाठ्यक्रम में क्या सीखेंगे?

  • सांख्य दर्शन – प्रकृति, पुरुष एवं सृष्टि के तत्त्वों का अध्ययन।
  • न्याय एवं वैशेषिक – तर्कशास्त्र, प्रमाण एवं पदार्थ विज्ञान की मूल अवधारणाएँ।
  • पूर्व एवं उत्तर मीमांसा – वैदिक कर्म एवं ब्रह्मविद्या का दार्शनिक अध्ययन।
  • वेदान्त दर्शन – ब्रह्म, आत्मा, जीव एवं मोक्ष का गहन विवेचन।
  • तत्त्वचिंतन एवं आत्मबोध – जीवन, सत्य एवं आत्मस्वरूप पर दार्शनिक चिंतन।
  • भारतीय दार्शनिक परंपरा – भारतीय दर्शन की प्रमुख परम्पराओं एवं उनके योगदान का अध्ययन।

🎯 पाठ्यक्रम का उद्देश्य

भारतीय दर्शन की महान परम्परा से परिचित कराते हुए विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, विवेक, आत्मबोध, सत्य की खोज एवं जीवन के गूढ़ सिद्धांतों की स्पष्ट एवं व्यवहारिक समझ विकसित करना।

👥 यह पाठ्यक्रम किनके लिए है?

  • विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी
  • भारतीय दर्शन एवं तत्त्वज्ञान में रुचि रखने वाले शिक्षार्थी
  • शोधार्थी एवं आध्यात्मिक जिज्ञासु
  • आचार्य एवं शिक्षक
  • तार्किक एवं दार्शनिक चिंतन विकसित करने वाले विद्यार्थी
  • भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन करने के इच्छुक सभी नागरिक

📌 प्रवेश हेतु संबंधित पंजीकरण करें।

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