🇮🇳 स्वदेशी अर्थनीति एवं उद्यमिता
भारतीय अर्थदर्शन, स्वदेशी उद्योग, आर्थिक स्वावलंबन एवं राष्ट्र निर्माण पर आधारित जीवनोपयोगी पाठ्यक्रम। यह विद्यार्थियों में धन प्रबंधन, उद्यमिता, आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रहितकारी आर्थिक दृष्टिकोण का विकास करता है, जिससे वे अपने जीवन, परिवार एवं राष्ट्र के आर्थिक उत्थान में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
🇮🇳 भारतीय अर्थदर्शन
भारतीय आर्थिक चिंतन, स्वदेशी सिद्धांत एवं राष्ट्रहितकारी अर्थव्यवस्था का अध्ययन।
💰 धन प्रबंधन एवं बचत
आय, बचत, निवेश एवं वित्तीय अनुशासन की व्यवहारिक समझ।
🚀 उद्यमिता एवं स्वदेशी उद्योग
स्वरोजगार, व्यवसाय, नवाचार एवं स्वदेशी उद्योग स्थापित करने का प्रशिक्षण।
🏛️ आर्थिक स्वावलंबन
आत्मनिर्भर जीवन, आर्थिक विकास एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता।
📚 इस पाठ्यक्रम में क्या सीखेंगे?
- भारतीय अर्थदर्शन – भारतीय आर्थिक विचार एवं स्वदेशी अर्थव्यवस्था की मूल अवधारणाएँ।
- धन प्रबंधन एवं बचत – आय, बचत, निवेश एवं वित्तीय अनुशासन का ज्ञान।
- उद्यमिता एवं व्यवसाय – व्यवसाय प्रारम्भ करने एवं सफल संचालन की मूलभूत समझ।
- स्वदेशी उद्योग – स्वदेशी उत्पाद, लघु उद्योग एवं आत्मनिर्भर उत्पादन प्रणाली।
- आर्थिक स्वावलंबन – व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आर्थिक आत्मनिर्भरता के सिद्धांत।
- राष्ट्र निर्माण – आर्थिक विकास, रोजगार सृजन एवं राष्ट्रहित में उद्यमिता की भूमिका।
🎯 पाठ्यक्रम का उद्देश्य
विद्यार्थियों में आर्थिक साक्षरता, स्वदेशी चिंतन, उद्यमिता, आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्रहितकारी आर्थिक दृष्टिकोण का विकास करना, ताकि वे अपने जीवन, समाज एवं राष्ट्र की आर्थिक उन्नति में सार्थक योगदान दे सकें।
👥 यह पाठ्यक्रम किनके लिए है?
- विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी
- युवा उद्यमी एवं स्वरोजगार के इच्छुक शिक्षार्थी
- व्यवसाय एवं स्टार्टअप प्रारम्भ करने वाले युवा
- शिक्षक एवं प्रशिक्षक
- स्वदेशी उद्योग एवं आर्थिक स्वावलंबन में रुचि रखने वाले नागरिक
- राष्ट्र निर्माण में आर्थिक योगदान देना चाहने वाले सभी शिक्षार्थी
📌 प्रवेश हेतु संबंधित पंजीकरण करें।
