
🔭 ज्योतिष एवं ब्रह्माण्ड विज्ञान
वैदिक ज्योतिष, खगोलशास्त्र, वास्तुशास्त्र, पंचांग, मुहूर्त एवं नक्षत्र विज्ञान का समन्वित एवं जीवनोपयोगी अध्ययन। यह पाठ्यक्रम समय, दिशा, ग्रह-नक्षत्र तथा ब्रह्माण्डीय नियमों की वैज्ञानिक एवं पारंपरिक समझ विकसित कर भारतीय ज्ञान परंपरा के इस महत्त्वपूर्ण विज्ञान का व्यवस्थित परिचय कराता है।
🌌 वैदिक ज्योतिष
ग्रह, राशि, नक्षत्र एवं जन्मकुंडली के मूल सिद्धांतों का अध्ययन।
🔭 खगोल विज्ञान
ब्रह्माण्ड, ग्रहों, तारों एवं आकाशीय घटनाओं का वैज्ञानिक परिचय।
🏠 वास्तु एवं पंचांग
वास्तु सिद्धांत, पंचांग, मुहूर्त एवं कालगणना का व्यावहारिक अध्ययन।
⭐ ग्रह एवं नक्षत्र
ग्रहों, नक्षत्रों एवं ब्रह्माण्डीय व्यवस्था की आधारभूत समझ।
📚 इस पाठ्यक्रम में क्या सीखेंगे?
- वैदिक ज्योतिष – ग्रह, राशि, नक्षत्र एवं ज्योतिष के मूल सिद्धांत।
- खगोल विज्ञान – ब्रह्माण्ड, ग्रहों, तारों एवं आकाशीय घटनाओं का अध्ययन।
- वास्तु शास्त्र – दिशाओं, ऊर्जा एवं वास्तु के आधारभूत सिद्धांत।
- पंचांग एवं मुहूर्त – कालगणना, तिथि, वार एवं शुभ मुहूर्त का ज्ञान।
- ग्रह एवं नक्षत्र – ग्रह-नक्षत्रों की संरचना एवं उनका पारंपरिक अध्ययन।
- कालगणना एवं ब्रह्माण्ड – भारतीय कालगणना एवं ब्रह्माण्डीय व्यवस्था की समझ।
🎯 पाठ्यक्रम का उद्देश्य
वैदिक ज्योतिष, खगोलशास्त्र, वास्तु एवं पंचांग की प्रमाणिक एवं वैज्ञानिक समझ विकसित करना, भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराना तथा समय, प्रकृति एवं ब्रह्माण्ड के नियमों के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित करना।
👥 यह पाठ्यक्रम किनके लिए है?
- विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी
- ज्योतिष एवं खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले शिक्षार्थी
- भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन करने वाले शोधार्थी
- आचार्य एवं शिक्षक
- वास्तु एवं पंचांग की मूलभूत जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति
- भारतीय ब्रह्माण्ड विज्ञान को व्यवस्थित रूप से समझने वाले सभी शिक्षार्थी
📌 प्रवेश हेतु संबंधित पंजीकरण करें।
