🧘 योग विज्ञान एवं शिव स्वरयोग
अष्टांग योग, हठयोग, राजयोग, प्राणायाम, ध्यान एवं शिव स्वरोदय विज्ञान का समग्र एवं व्यावहारिक अध्ययन। यह पाठ्यक्रम शरीर, मन, प्राण एवं चेतना के संतुलित विकास, नाड़ी विज्ञान की समझ, आत्मसंयम तथा आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम है।
🧘 अष्टांग योग
योग के आठ अंगों द्वारा शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास।
🌿 हठयोग एवं राजयोग
शरीर, मन एवं चेतना के संतुलन हेतु हठयोग एवं राजयोग का अभ्यास।
🌬️ प्राणायाम एवं ध्यान
प्राणशक्ति, एकाग्रता एवं मानसिक शांति विकसित करने की वैज्ञानिक विधियाँ।
🔱 शिव स्वरोदय एवं नाड़ी विज्ञान
स्वर, नाड़ी विज्ञान एवं आत्मसंयम के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति का अध्ययन।
📚 इस पाठ्यक्रम में क्या सीखेंगे?
- अष्टांग योग – योग के आठ अंगों एवं उनके व्यवहारिक अभ्यास का अध्ययन।
- हठयोग एवं राजयोग – शरीर, मन एवं आत्मा के संतुलन हेतु योग की प्रमुख विधियाँ।
- प्राणायाम एवं ध्यान – श्वास नियंत्रण, मानसिक एकाग्रता एवं ध्यान साधना।
- शिव स्वरोदय – स्वर विज्ञान एवं चेतना के संतुलन का अध्ययन।
- नाड़ी विज्ञान – इड़ा, पिंगला एवं सुषुम्ना नाड़ियों की आधारभूत समझ।
- आत्मसंयम एवं साधना – अनुशासन, आत्मनियंत्रण एवं आध्यात्मिक उन्नति की साधना।
🎯 पाठ्यक्रम का उद्देश्य
योग विज्ञान एवं शिव स्वरयोग के माध्यम से शरीर, मन, प्राण एवं चेतना का संतुलित विकास करना, आत्मसंयम, मानसिक शांति, आध्यात्मिक जागरूकता तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली का निर्माण करना।
👥 यह पाठ्यक्रम किनके लिए है?
- विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी
- योग एवं ध्यान में रुचि रखने वाले शिक्षार्थी
- आध्यात्मिक साधना एवं आत्मविकास के इच्छुक व्यक्ति
- योग प्रशिक्षक एवं आचार्य
- स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन प्राप्त करने वाले साधक
- योग विज्ञान एवं शिव स्वरोदय का अध्ययन करने के इच्छुक सभी नागरिक
📌 प्रवेश हेतु संबंधित पंजीकरण करें।
